कीव ब्रिज पर रूसी हमला: जर्मन चांसलर के पहुंचते ही नॉर्दर्न ब्रिज पर हमला
EDITOR|Voice of Jalandhar
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कीव ब्रिज पर रूसी हमला उस समय हुआ जब जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे थे। नीपर नदी पर .......
कीव ब्रिज पर रूसी हमला उस समय हुआ जब जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे थे। नीपर नदी पर बने नॉर्दर्न ब्रिज को निशाना बनाए जाने के बाद इलाके में आग और धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया। कीव प्रशासन के अनुसार, हमले में दो लोग घायल हुए हैं और पुल की सड़क के साथ ट्रॉलीबस की बिजली लाइनों को भी नुकसान पहुंचा है।
हमले के बाद यूक्रेन की राजधानी में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता और बढ़ गई। इसी बीच रूस की ओर से विदेशी नागरिकों और राजनयिक मिशनों के कर्मचारियों को यूक्रेन छोड़ने की चेतावनी दोहराई गई। मॉस्को ने कहा कि चेतावनी के बावजूद कीव में रहने वाले लोगों को संभावित गंभीर परिणामों की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी।
कीव ब्रिज पर रूसी हमला और नॉर्दर्न ब्रिज को नुकसान
कीव ब्रिज पर रूसी हमला नीपर नदी पर बने महत्वपूर्ण नॉर्दर्न ब्रिज को लेकर सामने आया। पुल पर हमले के बाद आग और धुएं की तस्वीरें और वीडियो सामने आने की बात कही गई। कीव के मेयर विताली क्लित्श्को के अनुसार, हमले में दो लोग घायल हुए।
पुल की सड़क और ट्रॉलीबस से जुड़ी बिजली लाइनों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी दी गई है। नीपर नदी की वजह से कीव में नदी के दोनों किनारों को जोड़ने वाले पुलों का यातायात और शहर की आवाजाही में महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में किसी प्रमुख पुल को नुकसान पहुंचने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय प्रशासन को वैकल्पिक नदी-पार मार्गों की व्यवस्था पर भी विचार करना पड़ सकता है।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के कीव पहुंचने के दौरान धमाके
रूसी हमले का समय इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज उसी दौरान कीव पहुंचे थे। उनकी यात्रा के दौरान राजधानी में हवाई हमले के सायरन सुनाई देने और धमाकों की आवाजें आने की जानकारी सामने आई।
मर्ज ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की और यूक्रेन के लिए जर्मनी के समर्थन को दोहराया। उन्होंने कहा कि आने वाले हफ्तों में यूक्रेन को हर तरह के समर्थन की आवश्यकता होगी। जर्मन चांसलर ने यह भी चेतावनी दी कि यदि रूस को रोका नहीं गया तो उसकी युद्ध मशीन भविष्य में दूसरे देशों की ओर भी बढ़ सकती है। ऐसे में उनकी कीव यात्रा के दौरान हुआ यह हमला क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर जारी तनाव को सामने लाता है।
रूस ने नॉर्दर्न ब्रिज पर हमले की पुष्टि की
रूस की ओर से नॉर्दर्न ब्रिज पर हमले की पुष्टि की गई है। रूसी पक्ष का दावा है कि पुल का इस्तेमाल सैन्य आवाजाही और सैन्य सामान के परिवहन के लिए किया जा रहा था। रूसी रक्षा मंत्रालय ने इसके अलावा ओदेसा की दिशा में सैन्य सामान ले जा रहे दो मालवाहक जहाजों को निशाना बनाने का भी दावा किया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। युद्ध के दौरान दोनों पक्षों की ओर से किए जाने वाले सैन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि कई बार मुश्किल होती है। इसलिए किसी भी पक्ष के दावे को आधिकारिक पुष्टि के बिना अंतिम तथ्य के रूप में देखना उचित नहीं होगा।
यूक्रेन ने बुनियादी ढांचे पर हमलों को लेकर जताई चिंता
यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि पुलों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर लगातार हमलों का असर राजधानी की आम परिवहन व्यवस्था पर पड़ सकता है। नॉर्दर्न ब्रिज जैसे पुल शहर के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके क्षतिग्रस्त होने से रोजाना आने-जाने वाले लोगों, सार्वजनिक परिवहन और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही पर असर पड़ सकता है। कीव प्रशासन द्वारा संभावित वैकल्पिक नदी-पार मार्गों की जरूरत पर विचार किया जाना भी इसी चिंता से जुड़ा हुआ है।
रूस ने विदेशी नागरिकों और राजनयिकों को दी चेतावनी
कीव ब्रिज पर रूसी हमला होने के बाद रूस के विदेश मंत्रालय ने विदेशी नागरिकों और राजनयिक मिशनों के कर्मचारियों के लिए अपनी चेतावनी दोहराई। मॉस्को ने कहा कि उसने पहले भी विदेशियों को कीव में रहने और यूक्रेन की यात्रा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी थी। रूस की ओर से कहा गया कि जो लोग चेतावनी के बावजूद कीव में रहेंगे, वे संभावित गंभीर परिणामों की जिम्मेदारी खुद उठाएंगे।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब कीव और यूक्रेन के अन्य हिस्सों में रूसी हमलों तथा यूक्रेन की ओर से जवाबी कार्रवाइयों को लेकर तनाव बना हुआ है।
पुतिन पर जेलेंस्की के आरोप, क्रेमलिन ने किया खारिज
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर नागरिक इलाकों पर बड़े हमलों को मंजूरी देने और सशस्त्र संघर्ष के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, क्रेमलिन ने इन आरोपों को खारिज किया है। रूस का कहना है कि उसके हमलों का लक्ष्य सैन्य ठिकाने और सैन्य आवाजाही से जुड़े बुनियादी ढांचे हैं। यही अंतर दोनों देशों के दावों के बीच बना हुआ है। यूक्रेन का आरोप है कि महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर लगातार हमलों का असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है, जबकि रूस अपने सैन्य अभियानों को सैन्य लक्ष्यों पर केंद्रित बताता है।
कीव में बढ़ता तनाव और आगे की चुनौती
नॉर्दर्न ब्रिज पर हमला कीव में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच हुआ है। राजधानी में महत्वपूर्ण पुलों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा अब एक अहम मुद्दा बनती जा रही है। जर्मन चांसलर की यात्रा के दौरान हवाई हमले और धमाकों की खबर ने यूक्रेन की मौजूदा सुरक्षा स्थिति की गंभीरता को भी सामने रखा है। वहीं रूस की विदेशी नागरिकों और राजनयिकों को चेतावनी के बाद राजधानी में मौजूद अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए सुरक्षा चिंता और बढ़ सकती है।
फिलहाल कीव ब्रिज पर रूसी हमला मामले में दोनों पक्षों के दावों के बीच स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए गए तथ्यों और आधिकारिक बयानों को अलग-अलग देखना जरूरी है। नॉर्दर्न ब्रिज को हुए नुकसान, यातायात पर प्रभाव और हमले से जुड़े अन्य विवरणों को लेकर आगे की जानकारी स्थिति स्पष्ट होने के साथ सामने आ सकती है।