Rohit Sharma 92 Runs: शतक से चूके रोहित, गावस्कर ने जताई निराशा
EDITOR|Voice of Jalandhar
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Rohit Sharma 92 Runs की पारी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में भारतीय क्रिकेट फैंस..........
Rohit Sharma 92 Runs की पारी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में भारतीय क्रिकेट फैंस को रोमांचित किया, लेकिन महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर इस प्रदर्शन के बावजूद निराश नजर आए। वजह यह थी कि रोहित शर्मा शानदार लय में होने के बावजूद अपना शतक पूरा नहीं कर सके। गावस्कर का मानना है कि अगर रोहित शर्मा 2027 वनडे वर्ल्ड कप के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेते हैं, तो उनके नाम उनकी उम्र से ज्यादा ODI शतक होने चाहिए।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीसरे वनडे में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 351/7 का बड़ा स्कोर बनाया। रोहित शर्मा ने 92 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन वह शतक से केवल आठ रन दूर रह गए। जवाब में वेस्टइंडीज ने कप्तान शाई होप की नाबाद 162 रन की पारी के दम पर 352 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया और मुकाबला पांच विकेट से जीत लिया। हालांकि भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम की।
Rohit Sharma 92 Runs पर गावस्कर क्यों हुए निराश?
Rohit Sharma 92 Runs पर आउट होने के बाद सुनील गावस्कर ने अपनी निराशा का कारण बताया। उनके मुताबिक रोहित जिस तरह बल्लेबाजी कर रहे थे, उसे देखते हुए उनसे शतक की उम्मीद थी।
गावस्कर ने कहा कि वह चाहते हैं कि रोहित शर्मा जब भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहें, तब उनके ODI शतकों की संख्या उनकी उम्र से ज्यादा हो। उनके मुताबिक रोहित अगर तीसरे वनडे में शतक पूरा कर लेते तो वह इस खास उपलब्धि के और करीब पहुंच जाते।
गावस्कर ने यह भी संकेत दिया कि रोहित शर्मा 2027 आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले सकते हैं। हालांकि यह रोहित शर्मा की ओर से घोषित संन्यास की तारीख नहीं है, बल्कि गावस्कर की संभावित भविष्य की बात है।
2027 वर्ल्ड कप के बाद संन्यास पर चर्चा
रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भारतीय क्रिकेट में समय-समय पर चर्चा होती रही है। गावस्कर के बयान ने एक बार फिर 2027 वनडे वर्ल्ड कप के बाद उनके संभावित संन्यास को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
गावस्कर ने अपनी व्यक्तिगत इच्छा बताते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि रोहित जब संन्यास लें, तब उनके नाम उनकी उम्र से अधिक ODI शतक हों। उनके लिए यह उपलब्धि किसी बल्लेबाज के लंबे और सफल करियर का खास संकेत है। हालांकि, रोहित शर्मा की ओर से 2027 वर्ल्ड कप के बाद संन्यास को लेकर इस संदर्भ में कोई अंतिम घोषणा इस खबर में नहीं है। इसलिए इसे संभावित भविष्य की चर्चा के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
उम्र से ज्यादा शतक बनाने की खास उपलब्धि
सुनील गावस्कर ने अपने करियर का उदाहरण देते हुए बताया कि किसी बल्लेबाज के लिए अपनी उम्र से अधिक अंतरराष्ट्रीय शतक बनाकर संन्यास लेना उनके लिए खास उपलब्धि है। गावस्कर ने याद किया कि अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी साल में वह अपनी उम्र के बराबर टेस्ट शतक बनाना चाहते थे। उन्होंने बताया कि वह तीन बार 90 के दशक में आउट हुए थे। अगर उन मौकों पर वह शतक बना लेते, तो उनके संन्यास के समय उनकी उम्र और टेस्ट शतकों की संख्या बराबर होती।
गावस्कर ने 38 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। इसी व्यक्तिगत अनुभव के कारण वह रोहित के लिए भी इस तरह की उपलब्धि को विशेष मानते हैं।
2023 वर्ल्ड कप के बाद बदला रोहित का बल्लेबाजी अंदाज
गावस्कर ने रोहित शर्मा की बल्लेबाजी शैली में आए बदलाव पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि 2023 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान रोहित ने बतौर कप्तान टीम को तेज शुरुआत दिलाने के लिए बेहद आक्रामक बल्लेबाजी का तरीका अपनाया था।
रोहित अक्सर पहली गेंद से ही विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते थे। इस रणनीति का फायदा भारतीय टीम को शुरुआती ओवरों में मिलता था, लेकिन इसके साथ जल्दी विकेट गंवाने का जोखिम भी रहता था। गावस्कर के अनुसार अब रोहित अपने विकेट की अहमियत को ज्यादा समझ रहे हैं। उनका मानना है कि रोहित केवल तेज शुरुआत देने वाले बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि वह लंबी पारी खेलकर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
'रोहित सिर्फ 30-40 रन बनाने वाले बल्लेबाज नहीं'
गावस्कर ने रोहित की बल्लेबाजी को लेकर कहा कि वह ऐसे बल्लेबाज नहीं हैं जिनसे केवल 30 या 40 रन की उम्मीद की जाए। उनकी क्षमता बड़ी पारियां खेलने और शतक बनाने की है। 2023 वर्ल्ड कप में रोहित ने कई मौकों पर भारतीय टीम को तेज शुरुआत दिलाई थी। उस दौरान उनका आक्रामक बल्लेबाजी टेम्पलेट टीम की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा था। अब गावस्कर चाहते हैं कि रोहित अपनी आक्रामकता के साथ-साथ लंबी पारियों पर भी ध्यान दें। उनका मानना है कि अगर रोहित क्रीज पर ज्यादा समय बिताते हैं तो भारत को इसका बड़ा फायदा मिल सकता है।
'वह शतक बनाने वाले बल्लेबाज हैं'
गावस्कर ने रोहित शर्मा को शतक बनाने वाला बल्लेबाज बताते हुए कहा कि वह उन्हें बड़ी पारियां खेलते हुए देखना चाहते हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में Rohit Sharma 92 Runs बनाकर आउट हुए, लेकिन इससे पहले उन्होंने सीरीज के एक अन्य मुकाबले में शतक भी लगाया था।
गावस्कर के मुताबिक रोहित अब यह समझ रहे हैं कि एक बल्लेबाज के तौर पर बड़ी पारी खेलना भी उनकी जिम्मेदारी है। अगर वह 70-80 गेंदों में शतक बनाते हैं तो यह टीम के लिए बेहद उपयोगी रन रेट हो सकता है।
तेज शतक से कम होगी धीमी बल्लेबाजी की आलोचना
गावस्कर ने रोहित की बल्लेबाजी से जुड़े सोशल मीडिया ट्रेंड और आलोचनाओं का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक अगर रोहित तेजी से बड़ी पारियां खेलते हैं और 70-80 गेंदों में शतक बनाते हैं, तो इससे उनकी धीमी बल्लेबाजी को लेकर होने वाली आलोचना भी कम हो सकती है।
50 ओवर के क्रिकेट में तेजी से बनाया गया शतक टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। रोहित की बल्लेबाजी क्षमता को देखते हुए गावस्कर चाहते हैं कि वह आक्रामक शुरुआत को बड़ी और निर्णायक पारी में बदलें। Rohit Sharma 92 Runs के बाद बढ़ी शतक की उम्मीद
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में Rohit Sharma 92 Runs की पारी भले ही शतक में तब्दील नहीं हो सकी, लेकिन इस प्रदर्शन ने एक बार फिर उनकी बल्लेबाजी क्षमता की झलक दिखाई। भारत ने सीरीज 2-1 से जीती, जबकि तीसरे मैच में वेस्टइंडीज ने पांच विकेट से जीत दर्ज की।
गावस्कर की टिप्पणी का मुख्य संदेश यही है कि रोहित जैसे अनुभवी बल्लेबाज से केवल अच्छी शुरुआत नहीं, बल्कि बड़ी और मैच जिताऊ पारियों की उम्मीद की जाती है। अब नजरें रोहित के आगामी प्रदर्शन और खास तौर पर 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक उनके सफर पर रहेंगी।