LPU Violence Case: 2 छात्रों की गिरफ्तारी, कोर्ट ने दिया 2 दिन का रिमांड
EDITOR|Voice of Jalandhar
••2 व्यूज़•6 मिनट पढ़ें
LPU Violence Case में पुलिस ने दो और छात्रों को गिरफ्तार किया है। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में 27 सितंबर..............
LPU Violence Case में पुलिस ने दो और छात्रों को गिरफ्तार किया है। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में 27 सितंबर की रात छात्रा से गलत हरकत की अफवाह के बाद भड़की हिंसा और विरोध प्रदर्शन के मामले में राजस्थान और हरियाणा के रहने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को एलपीयू का छात्र बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां पूछताछ के लिए पुलिस को दो दिन का रिमांड दिया गया।
जानकारी के अनुसार, 27 और 28 सितंबर की रात एलपीयू परिसर और आसपास के इलाके में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बनी थी। पुलिस के तीन वाहनों में आग लगाए जाने की भी बात सामने आई थी। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस अब एक-एक कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी कर रही है।
LPU Violence Case में जयंत और आर्यन गिरफ्तार
LPU Violence Case में बुधवार को गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान जयंत और आर्यन के रूप में बताई गई है। पुलिस के अनुसार, जयंत पुत्र महेश कुमार मूलचंदानी राजस्थान के कोटा जिले के कुनहाड़ी का निवासी है। वहीं दूसरे आरोपी की पहचान आर्यन के रूप में हुई है, जो हरियाणा के रोहतक जिले के गांव खड़वाली का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया। पुलिस की ओर से मामले की जांच और आरोपियों से पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की गई। अदालत ने दोनों आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। रिमांड के दौरान पुलिस घटना के संबंध में आरोपियों से पूछताछ कर सकती है और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि हिंसा के दौरान उनकी कथित भूमिका क्या थी।
27 सितंबर की रात भड़की थी हिंसा
एलपीयू में 27 सितंबर की रात एक छात्रा से कथित गलत हरकत की अफवाह फैलने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया।
27 और 28 सितंबर की रात प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बनी। पुलिस के वाहनों को नुकसान पहुंचाने और तीन सरकारी वाहनों में आग लगाए जाने की बात भी मामले में सामने आई है।
हालांकि, छात्रा से जुड़ी शुरुआती जानकारी को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए थे। ऐसे में पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी।
LPU Violence Case में अब तक 4 FIR
पुलिस ने इस पूरे मामले को लेकर अब तक चार अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। जानकारी के अनुसार पहली FIR छात्रा से संबंधित मामले को लेकर दर्ज की गई है।
दूसरी FIR कथित लूटपाट और तोड़फोड़ से जुड़ी बताई जा रही है। तीसरी FIR हाईवे जाम करने के मामले में दर्ज की गई है, जबकि चौथी FIR सरकारी वाहनों में आग लगाने से संबंधित है।
अलग-अलग घटनाओं को लेकर FIR दर्ज किए जाने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया है। पुलिस अब CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
27 आरोपी नामजद, 15 की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, LPU Violence Case में अब तक कुल 27 आरोपियों को नामजद किया जा चुका है। इनमें से 15 आरोपियों की गिरफ्तारी होने की जानकारी दी गई है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 13 एलपीयू के छात्र बताए जा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि पुलिस की जांच में विश्वविद्यालय के छात्रों की कथित भूमिका भी सामने आई है।
हालांकि किसी भी आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी। पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर मामले में उनकी कथित भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस रिमांड में होगी पूछताछ
जयंत और आर्यन को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजे जाने के बाद जांच टीम को उनसे पूछताछ का मौका मिलेगा। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि 27 और 28 सितंबर की रात घटनास्थल पर क्या हुआ था और हिंसक प्रदर्शन में कौन-कौन लोग शामिल थे।
रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों के संपर्क, घटनास्थल पर मौजूदगी और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों के बारे में जानकारी जुटा सकती है। इसके साथ ही पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिली जानकारी के साथ नए आरोपियों के बयानों का मिलान भी किया जा सकता है।
हिंसा में पुलिस वाहनों को भी बनाया गया निशाना
एलपीयू हिंसा के दौरान पुलिस के तीन वाहनों को आग लगाए जाने की जानकारी मामले में सामने आई है। सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटना को लेकर अलग से FIR दर्ज की गई है।
पुलिस इस मामले में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने या आग लगाने में किन लोगों की कथित भूमिका थी। CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
हाईवे जाम और तोड़फोड़ की भी जांच
हिंसा के दौरान हाईवे जाम किए जाने और तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर भी पुलिस ने अलग मामला दर्ज किया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़क पर बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई थी।
पुलिस अब इन घटनाओं को अलग-अलग FIR के आधार पर जांच रही है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि किन आरोपियों की भूमिका एक से अधिक मामलों में रही है।
LPU Violence Case में आगे भी हो सकती हैं गिरफ्तारियां
LPU Violence Case की जांच अभी जारी है। पुलिस द्वारा 27 आरोपियों को नामजद करने और 15 की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आने के बाद आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस का फोकस हिंसा के दौरान हुई कथित तोड़फोड़, सरकारी वाहनों में आगजनी, हाईवे जाम और अन्य घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान करने पर है। गिरफ्तार किए गए छात्रों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ सकती है।
फिलहाल जयंत और आर्यन दो दिन के पुलिस रिमांड पर हैं। उनके रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ और जांच से इस मामले में नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है। अदालत में आरोप साबित होने तक सभी आरोपियों को कानूनी रूप से आरोपी ही माना जाएगा।