Gujarat Anganwadi Food Budget Hike: आंगनवाड़ी में बच्चों के खाने का बजट 67% बढ़ा, मेन्यू में नई डिश शामिल
EDITOR|Voice of Jalandhar
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Gujarat Anganwadi Food Budget Hike के तहत गुजरात सरकार ने आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जाने वाले गर्म ...........
Gujarat Anganwadi Food Budget Hike के तहत गुजरात सरकार ने आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पके हुए भोजन के लिए प्रतिदिन की राशि बढ़ाने का फैसला किया है। अब प्रति बच्चा भोजन की खरीद के लिए निर्धारित दर ₹5.10 से बढ़ाकर ₹8.50 कर दी गई है। इस तरह बजट में लगभग 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। सरकार का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक और विविधतापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है, ताकि उनके पोषण स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिल सके।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, इस फैसले से राज्य की 53,065 आंगनवाड़ियों में आने वाले 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार के मुताबिक, 16.17 लाख से अधिक बच्चों के भोजन की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए गुजरात सरकार सालाना लगभग ₹80 करोड़ का अतिरिक्त खर्च उठाएगी।
Gujarat Anganwadi Food Budget Hike: प्रति बच्चा भोजन का बजट ₹8.50 हुआ
गुजरात सरकार ने आंगनवाड़ियों में बच्चों के गर्म भोजन के लिए प्रति लाभार्थी प्रतिदिन ₹3.40 की अतिरिक्त राशि देने का निर्णय लिया है। पहले भोजन की खरीद के लिए प्रतिदिन ₹5.10 निर्धारित थे, जो अब बढ़कर ₹8.50 हो जाएंगे। नई व्यवस्था में मौजूदा ₹5.10 की राशि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बराबर साझा होती रहेगी। इसके अतिरिक्त ₹3.40 का पूरा खर्च गुजरात सरकार स्वयं वहन करेगी। इससे केंद्र सरकार के मौजूदा योगदान में बदलाव किए बिना बच्चों के भोजन के लिए उपलब्ध कुल राशि बढ़ जाएगी।
सरकार का मानना है कि भोजन के बजट में वृद्धि होने से आंगनवाड़ी केंद्रों को स्थानीय स्तर पर जरूरी सामग्री खरीदने में अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी। इससे भोजन में दालों, साबुत अनाज, मौसमी सब्जियों और फलों जैसी चीजों को शामिल करना आसान हो सकता है।
16.17 लाख से ज्यादा बच्चों को मिलेगा लाभ
Gujarat Anganwadi Food Budget Hike का लाभ राज्य की 53,065 आंगनवाड़ियों में आने वाले 3 से 6 वर्ष की उम्र के बच्चों तक पहुंचने की उम्मीद है। इस आयु वर्ग में बच्चों की वृद्धि और विकास के लिए संतुलित भोजन महत्वपूर्ण होता है। आंगनवाड़ी केंद्रों में गर्म भोजन उपलब्ध कराने का उद्देश्य बच्चों को नियमित पोषण देना और उनके आहार में विविधता लाना है। बजट बढ़ने से केंद्रों को अलग-अलग खाद्य सामग्री खरीदने के लिए अधिक राशि उपलब्ध होगी।
सरकार के अनुसार, इस बदलाव पर सालाना करीब ₹80 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आएगा। यह राशि गुजरात सरकार वहन करेगी। इससे भोजन की गुणवत्ता और मेन्यू में सुधार के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की योजना है। हालांकि, बजट बढ़ने के वास्तविक परिणाम इस बात पर निर्भर करेंगे कि केंद्रों पर सामग्री की खरीद, भोजन तैयार करने और वितरण की व्यवस्था किस तरह लागू होती है।
आंगनवाड़ी के नए मेन्यू में क्या-क्या मिलेगा?
नई दर लागू होने के साथ बच्चों के साप्ताहिक गर्म भोजन के मेन्यू में भी बदलाव किया गया है। इसमें साबुत मूंग को शामिल किया गया है। मेन्यू को इस तरह विविध बनाने का प्रयास किया गया है कि बच्चों को अलग-अलग प्रकार की खाद्य सामग्री मिल सके।
प्रस्तावित मेन्यू में शामिल प्रमुख चीजें हैं: - उबली या अंकुरित साबुत मूंग - गाढ़ी तुअर दाल - सब्जियों वाला पुलाव - हरी सब्जियों से बनी मुठिया - मसालेदार छोले - चावल और सब्जियों के साथ मूंग दाल - मौसमी फल - शीरा और सुखड़ी - लौकी का ढेबरा और गुड़ का पुडला - भाखरी, ढोकला और इडली
इन खाद्य पदार्थों के माध्यम से बच्चों को भोजन में विविधता देने की योजना है। दालें और साबुत अनाज प्रोटीन सहित कई पोषक तत्व उपलब्ध करा सकते हैं, जबकि सब्जियों और फलों से विटामिन, खनिज और फाइबर मिलते हैं। भोजन तैयार करते समय बच्चों की उम्र, खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता का ध्यान रखना भी जरूरी होगा। मेन्यू में बदलाव का उद्देश्य केवल अलग-अलग पकवान देना नहीं, बल्कि बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन की उपलब्धता बढ़ाना भी है।
सुबह 11 बजे नाश्ता, दोपहर 1:30 बजे गर्म खाना
नई व्यवस्था के अनुसार, बच्चों को सुबह करीब 11 बजे गर्म नाश्ता और दोपहर 1:30 बजे गर्म भोजन दिया जाएगा। निर्धारित समय पर भोजन उपलब्ध कराने से बच्चों के दैनिक आहार में नियमितता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। आंगनवाड़ी केंद्रों पर भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सामग्री की खरीद और उसके उपयोग पर ध्यान देना आवश्यक होगा। स्थानीय स्तर पर खरीदारी की व्यवस्था से केंद्रों को मौसमी और आसानी से उपलब्ध खाद्य सामग्री इस्तेमाल करने में भी सुविधा मिल सकती है।
बच्चों को भोजन देते समय स्वच्छ पानी, साफ बर्तन, उचित भंडारण और सुरक्षित तरीके से खाना पकाने जैसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण रहेंगी। बजट में वृद्धि का पूरा लाभ तभी मिल सकेगा, जब अतिरिक्त राशि का इस्तेमाल भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रभावी ढंग से किया जाए।
Gujarat Anganwadi Food Budget Hike: किस सामग्री के लिए कितनी राशि?
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी विवरण के अनुसार, भोजन तैयार करने के लिए अलग-अलग सामग्री और अन्य खर्चों के लिए राशि निर्धारित की गई है। सामग्री या खर्च
प्रतिदिन निर्धारित राशि
तुअर दाल ₹1.24 साबुत चना ₹0.85 साबुत मूंग ₹1.30 गुड़ ₹0.525 मौसमी हरी सब्जियां ₹0.83 फल ₹2.00 मूंगफली या तिल ₹0.65 मसाले ₹0.60 स्थानीय परिवहन ₹0.50
ये मदें उपलब्ध कराए गए विभागीय विवरण के अनुसार हैं। अलग-अलग मदों की राशि और कुल आवंटन के बीच हिसाब को आधिकारिक आदेश से मिलाना जरूरी है, क्योंकि सभी मदों का योग प्रतिदिन निर्धारित ₹8.50 की दर से अधिक दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में लिया गया फैसला
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, यह फैसला मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व और विभागीय मंत्री मनीषा वकील के मार्गदर्शन में लिया गया है। विभाग ने भोजन बनाने के लिए जरूरी सामग्री की मात्रा और लागत से संबंधित विस्तृत योजना जारी की है।
नई व्यवस्था में राज्य सरकार अतिरिक्त वित्तीय जिम्मेदारी उठाएगी, जबकि केंद्र और राज्य के बीच मौजूदा लागत-साझाकरण व्यवस्था के तहत मिलने वाली राशि बनी रहेगी। इससे राज्य के आंगनवाड़ी केंद्रों में भोजन के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने का रास्ता तैयार हुआ है।
बच्चों के पोषण में सुधार की उम्मीद
Gujarat Anganwadi Food Budget Hike से राज्य के लाखों बच्चों के भोजन के लिए उपलब्ध राशि में बढ़ोतरी होगी। सरकार का लक्ष्य मेन्यू में अधिक विविधता लाना और स्थानीय स्तर पर पौष्टिक खाद्य सामग्री की खरीद को आसान बनाना है। अब इस योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि बढ़ी हुई राशि आंगनवाड़ी केंद्रों तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचती है, मेन्यू का पालन कैसे होता है और बच्चों को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल पाता है या नहीं।